
दिल्ली के एक छोटे से गाँव में जन्मी अनुपमा कृति ने अपनी शिक्षा दरियागंज स्थित डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई भी दिल्ली से ही की। वर्तमान में वह चंडीगढ़ में प्राथमिक शिक्षिका है।
लेखन उनके जीवन में उस अंतिम तिनके की तरह आधा, जो डूबते को थाम लेता है। यह उनकी पहली कविता-पुस्तक है, जिसमें उन्होंने जीवन के अनुभवों और भीतरी द्वंद्व को सच्चाई के साथ शब्दों में पिरोया है।