
"रहबर ने 'प्यारी सहर' के नाम से जो पत्र-श्रृंखला प्रस्तुत की है, वह केवल पत्र संग्रह नहीं है बल्कि समकालीन जीवन की जटिलताओं, मानवीय रिश्तों की उलझनों, और व्यक्तिगत संघर्षों का एक गहरा दस्तावेज है। इन पत्रों में एक युवा मन की वे तमाम परतें खुलती हैं जो आज के समय में शायद ही कहीं और दिखाई देती हैं।"
प्रोफेसर मनोज कुमार झा
दिल्ली विश्वविद्यालय | राज्यसभा सांसद